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(IPH/1) Indian Polity (Hindi) – Quick Revision Series Part-1 (EC, UPSC, SPSC, JPSC)

निर्वाचन आयोग  (Election Commission)

  1. आयोग का गठन भारत के संविधान द्वारा देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से किया गया था ।
  2. संविधान के अनुच्छेद 324 में चुनाव आयुक्त का उल्लेख किया गया है ।
  3. निर्वाचन आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष आयु तक जो पहले हो ।
  4. निर्वाचन आयुक्त और प्रादेशिक आयुक्त की सेवा की शर्तें व पदावधि राष्ट्रपति द्वारा तय की जाती हैं ।
  5. निर्वाचन आयुक्त राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पर नहीं होता है हालांकि उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा ही की जाती है
  6. अन्य निर्वाचन आयुक्त या प्रादेशिक आयुक्त को मुख्य निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर ही हटाया जा सकता है अन्यथा नहीं
  7. यह एक स्थाई और स्वतंत्र निकाय है निर्वाचन आयुक्त के वेतन भत्ते सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान होते हैं ।
  8. निर्वाचन आयोग को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही हटाया जा सकता हैं। तथा निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए दोनों सदनों में विशेष बहुमत होना चाहिए
  9. संविधान में सदस्यों की अहर्ता का उल्लेख नहीं किया गया है
  10. मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा की शर्तों में उसकी नियुक्ति के पश्चात परिवर्तन नहीं किया जा सकता है ।
  11. संविधान में सेवानिवृत्ति के बाद निर्वाचन आयुक्तों को सरकार द्वारा अन्य दूसरी नियुक्तियों पर रोक नहीं लगाई गई है
  12. निर्वाचन आयोग चुनाव मे हेराफेरी, मतदान केंद्र लूटना, हिंसा के आधार पर चुनाव को रद्द कर सकता है।
  13. निर्वाचन आयुक्त चुनाव कराने के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता के बारे में राष्ट्रपति और राज्यपाल से आग्रह करता है ।
  14. चुनाव आयुक्त संसद सदस्यों की निहारता से संबंधित मामलों पर भी राष्ट्रपति को सलाह देता है ।
  15. चुनाव आयुक्त निर्वाचन के समय उम्मीदवारों के लिए आचार संहिता लागू करता है ।
  16. चुनाव आयुक्त राजनीतिक दलों को मान्यता प्रदान करता है और उन्हें निर्वाचन चिन्ह आवंटित करता है ।
  17. चुनाव आयुक्त राजनीतिक दलों को मान्यता प्रदान करने और चुनाव चिन्ह देने के मामले में हुए विवाद के समाधान के लिए न्यायालय की तरह काम भी करता है ।
  18. चुनाव आयुक्त निर्वाचन की तिथि और समय सारणी निर्धारित करता है और नामांकन पत्रों का परीक्षण भी करता है ।
  19. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को अपने निर्धारित पदावधि में काम करने की सुरक्षा दी गई है ।
  20. मुख्य निर्वाचन आयुक्त व दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों के पास समान शक्तियां होती है तथा वेतन भत्ते व दूसरे लाभ भी एक समान होते हैं ।
  21. चुनाव आयुक्त विधान परिषद के सदस्यों की निरर्हता से संबंधित मसलों पर राज्यपाल को परामर्श देता है।

 

संघ लोक सेवा आयोग  (UNION PUBLIC SERVICE COMMISSION)

  1. संघ लोक सेवा आयोग का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष आयु तक जो पहले हो ।
  2. संविधान के भाग 14 अनुच्छेद 315 से 323 में संघ लोक सेवा आयोग के बारे में वर्णन किया गया है
  3. संघ लोक सेवा आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है
  4. संघ लोक सेवा आयोग के सभी खर्चे भारत की संचित निधि से किए जाते हैं तथा इस पर मतदान नहीं किया जा सकता है ।
  5. यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है ।
  6. संघ लोक सेवा आयोग की सेवा की शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती हैं ।
  7. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को दूसरे कार्यकाल के लिए योग्य नहीं किया गया है
  8. संघ लोक सेवा आयोग को देश में मेरिट पद्धति का प्रभारी बनाया गया है।
  9. संघ लोक सेवा आयोग वर्गीकरण, वेतन, सेवा की स्थिति, कैडर, प्रशिक्षण से संबंधित कोई भी मुद्दे नहीं देखता है यह सब मुद्दे कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अंदर आते हैं ।
  10. संघ लोक सेवा आयोग की प्रवृत्ति सलाहकारी है पर इस पर कारण बताना होता है ।
  11. संघ लोक सेवा आयोग की संख्या का उल्लेख संविधान में नहीं किया गया है या राष्ट्रपति पर छोड़ दिया गया है संविधान में योग्यता का भी उल्लेख नहीं किया गया है ।
  12. राष्ट्रपति दो परिस्थिति में संघ लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है

-> पहला जब अध्यक्ष का पद रिक्त हो

-> दूसरा जब अध्यक्ष अपना काम अनुपस्थिति या अन्य दूसरे कारणों से नहीं कर पा रहा हो।

13. संघ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष समेत नौ से 11 सदस्य होते हैं ।

14. आयोग के आधे सदस्यों को भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन कम से कम 10 वर्ष के काम का अनुभव होना चाहिए ।

15. राष्ट्रपति संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या दूसरे सदस्यों को उनके कदाचार के कारण भी हटा सकता है किंतु ऐसे मामलों में राष्ट्रपति को यह मामला जांच के लिए उच्चतम न्यायालय भेजना होता है ।

16. संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष अपने कार्यों की रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है ।

 

17. किसी स्वतंत्र मंत्रालय विभाग को संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श को खारिज करने का अधिकार नहीं है।

 

18. संविधान में राष्ट्रपति को अखिल भारतीय सेवा, केंद्र सेवा व पद के संबंध में नियम बनाने का अधिकार दिया गया है। परंतु इस तरह के नियम को राष्ट्रपति को कम से कम 14 दिनों तक के लिए संसद के सदन में रखना पड़ता है संसद इसे संशोधित या खारिज भी कर सकती है।

19. संघ लोक सेवा आयोग केंद्रीय सतर्कता आयोग से अधिक प्रभावी हैं।
राज्य लोक सेवा आयोग  (STATE PUBLIC SERVICE COMMISSION)

  1. राज्य लोक सेवा आयोग का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष आयु तक जो पहले हो ।
  2. संविधान के भाग 14 अनुच्छेद 315 से 323 में राज्य लोक सेवा आयोग के बारे में वर्णन किया गया है ।
  3. राज्य लोक सेवा आयोग की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है ।
  4. राज्य लोक सेवा आयोग के सभी खर्चे राज्य की संचित निधि से किए जाते हैं तथा इस पर राज्य विधानसभा मे मतदान नहीं किया जा सकता है।
  5. आयोग के आधे सदस्यों को भारत सरकार या राज्य सरकार के अधीन कम से कम 10 वर्ष के काम का अनुभव होना चाहिए
  6. राज्य लोक सेवा आयोग की सेवा की शर्तें राज्यपाल द्वारा निर्धारित की जाती हैं ।
  7. राष्ट्रपति राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या दूसरे सदस्यों को उनके कदाचार के कारण भी हटा सकता है किंतु ऐसे मामलों में राष्ट्रपति को यह मामला जांच के लिए उच्चतम न्यायालय भेजना होता है ।
  8. राज्य लोक सेवा आयोग को राष्ट्रपति के द्वारा ही हटाया जा सकता है ।
  9. राज्यपाल दो परिस्थिति में राज्य लोक सेवा आयोग के किसी सदस्य को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त कर सकता है ।
    1. पहला जब अध्यक्ष का पद रिक्त हो
    2. दूसरा जब अध्यक्ष अपना काम अनुपस्थिति या अन्य दूसरे कारणों से नहीं कर पा रहा हो

संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (Joint State Public Service Commission)

  1. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग का गठन राज्य विधानमंडल के आग्रह से संसद द्वारा किया जाता है
  2. यह एक संवैधानिक आयोग है।
  3. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
  4. राज्य लोक सेवा आयोग का कार्यकाल 6 वर्ष या 62 वर्ष आयु तक जो पहले हो ।
  5. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग को राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है इसकी सेवा शर्तें राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित की जाती है
  6. संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपता है।

 

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